FD कैलकुलेटर: ब्याज, TDS और टैक्स के बाद कितना बचेगा?
FD की रकम, दर, अवधि और शुरू होने का महीना डालिए। कैलकुलेटर हर ब्याज-भुगतान की तारीख़, कुल ब्याज, वित्त-वर्ष के हिसाब से TDS और टैक्स का अनुमान अलग-अलग दिखाता है। TDS बैंक का काटा एडवांस टैक्स है, आख़िरी टैक्स नहीं — इसलिए दोनों को दो बार नहीं घटाया जाता।
FD कैलकुलेटर
बैंक/पोस्ट ऑफ़िस की अपनी अवधि वाली दर डालें। सीनियर सिटीज़न की ज़्यादा दर भी यहीं डालें।
मैच्योरिटी पर रकम
इस हिसाब की मान्यताएँ
- ब्याज जुड़ता रहे (क्यूम्युलेटिव): चुनी गई अवधि पर ब्याज मूल में जुड़ता है; बचे हुए महीनों पर साधारण ब्याज। 6 महीने से कम की FD पर साधारण ब्याज माना गया है (कई बैंकों का नियम; अपने बैंक से पुष्टि करें)।
- ब्याज खाते में मिले (पेआउट): हर अवधि के अंत में साधारण ब्याज (दर × अवधि) मिलता है; आख़िरी छोटी अवधि का ब्याज अनुपात में। कई बैंक मासिक पेआउट पर थोड़ा कम ("डिस्काउंटेड") ब्याज देते हैं — वह यहाँ नहीं गिना गया।
- तारीख़ें पूरे महीनों में गिनी गई हैं; बैंक का दिनों वाला हिसाब, लीप-ईयर और समय से पहले तोड़ने का जुर्माना शामिल नहीं। दर पूरी अवधि में स्थिर।
- TDS: हर वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च) में इस FD के ब्याज + आपकी डाली गई "दूसरी FD/RD" रकम ₹50,000 (सीनियर: ₹1,00,000) से ज़्यादा हो और Form 121 न दिया हो, तो इस FD के उस साल के ब्याज पर 10% TDS माना गया है (PAN दिया गया माना है)। ₹50,000 / ₹1,00,000 की सीमा Income-tax Act 2025 की धारा 393(1) की तालिका (क्रम 5(ii)) से जाँची गई है। उस तालिका में दर की जगह सिर्फ़ "Rates in force" लिखा है, इसलिए 10% की दर एक द्वितीयक स्रोत से ली गई है।
- टैक्स: ब्याज उसी वित्त वर्ष की आय मानी गई है जिसमें वह जुड़ा/मिला। "टैक्स के बाद" रकम = कुल प्राप्ति − अनुमानित आख़िरी टैक्स। TDS उसी टैक्स का हिस्सा है, अलग से नहीं घटाया गया। "टैक्स के बाद असरदार यील्ड" में हर वित्त वर्ष का टैक्स उस साल की आख़िरी ब्याज-तारीख़ पर चुकाया माना गया है।
वित्त-वर्ष-वार ब्याज, TDS और टैक्स
| वित्त वर्ष | इस FD का ब्याज | बैंक का TDS | अनुमानित टैक्स |
|---|
ब्याज की तारीख़ें
| महीना | क्या हुआ | ब्याज |
|---|
FD पर ब्याज कैसे जुड़ता है
A = P × (1 + r/n)n × t
क्यूम्युलेटिव FD में हर तिमाही (n = 4) ब्याज मूल में जुड़ता है। उदाहरण: ₹1 लाख, 6.25%, 1 साल → लगभग ₹1,06,398। यानी असरदार सालाना यील्ड 6.40%, क्योंकि ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। पेआउट FD में ब्याज हर बार निकल जाता है, इसलिए उस पर आगे ब्याज नहीं जुड़ता।
छोटी अवधि पर ध्यान: 3 महीने की ₹1 लाख की FD, 6% पर, "साल में एक बार ब्याज" चुनने पर भी कुल ब्याज सिर्फ़ ₹1,500 बनता है, जो मैच्योरिटी पर एक बार मिलता है। (इस पेज का पिछला संस्करण ऐसे मामलों में पूरे साल का ब्याज "हर बार" दिखा देता था — वह गड़बड़ी ठीक कर दी गई है।)
मौजूदा दरें: SBI और पोस्ट ऑफ़िस
SBI रिटेल टर्म डिपॉज़िट (₹3 करोड़ से कम)
| अवधि | आम ग्राहक | सीनियर सिटीज़न |
|---|---|---|
| 1 साल से 2 साल से कम | 6.25% | 6.75% |
| 2 साल से 3 साल से कम | 6.40% | 6.90% |
| 3 साल से 5 साल से कम | 6.30% | 6.80% |
| 5 से 10 साल | 6.05% | 7.05% |
| अमृत वृष्टि (444 दिन) | 6.45% | — |
SBI पेज के अनुसार ये दरें 15 दिसंबर 2025 से लागू हैं (जाँचा: 9 अक्टूबर 2026)। 5–10 साल की सीनियर दर में SBI वी-केयर योजना का 0.50% शामिल है; अमृत वृष्टि की सीनियर दर इस तालिका में नहीं जोड़ी गई। बैंक दरें कभी भी बदल सकते हैं।
पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट (अक्टूबर–दिसंबर 2026)
यह दर अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही (31 दिसंबर 2026 तक) के लिए घोषित थी। वह तिमाही ख़त्म हो चुकी है; नई दर आधिकारिक स्रोत पर देखें और कैलकुलेटर में अपनी दर डालें।
| अवधि | ब्याज दर |
|---|---|
| 1 साल | 6.9% |
| 2 साल | 7% |
| 3 साल | 7.1% |
| 5 साल | 7.5% |
ये दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 के लिए हैं (Indian Bank की प्रकाशित सूची के अनुसार; डाक विभाग के आदेश ने पिछली तिमाही की दरें जारी रखीं)। यह किसी बैंक या योजना की सिफ़ारिश नहीं है।
TDS और असली टैक्स में फ़र्क़
- सीमा वित्त वर्ष की है, FD के पहले 12 महीनों की नहीं। उदाहरण: ₹8 लाख की FD, 6.25%, अप्रैल 2026 से 1 साल, तिमाही पेआउट। वित्त वर्ष 2026-27 में ₹37,500 और 2027-28 में ₹12,500 ब्याज आता है — दोनों ₹50,000 से कम, इसलिए अकेली इस FD पर TDS ₹0 बनता है (दूसरी FD न हो तो)।
- सीमा पूरे बैंक के कुल ब्याज पर: उसी बैंक में दूसरी FD/RD हो, तो ऊपर "दूसरी FD/RD का ब्याज" भरें।
- Form 121: 1 अप्रैल 2026 से शुरू टैक्स ईयर के लिए Form 15G/15H की जगह Form 121 है (आयकर विभाग का Transition FAQ)। कुल आय टैक्स-फ़्री सीमा में हो, तभी जमा करें।
- TDS अंतिम टैक्स नहीं: FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है। नए रिजीम में कुल टैक्सेबल आय ₹12 लाख तक हो, तो रिबेट से टैक्स शून्य हो सकता है और कटा TDS रिटर्न भरकर वापस मिलता है। उदाहरण: ₹10 लाख सैलरी वाले व्यक्ति की ₹3 लाख की 1 साल की FD (7%) पर "मेरी आय से" तरीका अतिरिक्त टैक्स का अनुमान ₹0 दिखाता है, जबकि 10% का सरल स्लैब अनुमान ₹2,242 दिखाता।
- ऊँचे स्लैब में असर: 5 साल, 7.5% की तिमाही-कंपाउंडिंग FD की असरदार यील्ड लगभग 7.71% है; अगर पूरा ब्याज 30% स्लैब में आए, तो टैक्स के बाद यह लगभग 5.30% रह जाती है।
आपका पैसा कितना सुरक्षित है
बैंक जमा पर DICGC की बीमा सीमा एक बैंक में आपके सभी जमा-खातों को मिलाकर तय होती है (मूल + ब्याज)। ताज़ा सीमा और नियम DICGC की वेबसाइट पर देखें। बड़ी रकम हो, तो कई बैंकों में बाँटना एक आम तरीका है। पोस्ट ऑफ़िस की लघु बचत योजनाएँ सरकार की योजनाएँ हैं।
दो FD विकल्पों (जैसे क्यूम्युलेटिव बनाम मासिक पेआउट, या अलग अवधि) की तुलना के लिए FD तुलना टूल देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या FD का ब्याज टैक्स-फ़्री है?
नहीं। FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपकी कुल आय के हिसाब से टैक्स लगता है।
क्यूम्युलेटिव FD पर टैक्स कब लगता है?
ब्याज हर साल जुड़ता है, इसलिए आमतौर पर उसी वित्त वर्ष की आय माना जाता है — पैसा मैच्योरिटी पर मिले तब भी। यह टूल इसी आधार पर हर वित्त वर्ष का टैक्स अलग गिनता है।
बैंक का ब्याज इस कैलकुलेटर से कुछ रुपये अलग क्यों है?
बैंक दिनों के हिसाब से ब्याज गिनते हैं और गोल करने के अपने नियम रखते हैं। यह टूल पूरे महीनों पर हिसाब लगाता है।
स्रोत और जाँच
नीचे वे स्रोत हैं जिन्हें इस पेज के नियमों/दरों के लिए खोलकर मिलाया गया। "जाँचा" तारीख़ वह दिन है जब स्रोत खोला गया; पेज की "अपडेट" तारीख़ अलग है।
- SBI: रिटेल घरेलू टर्म डिपॉज़िट दरें — 15.12.2025 से लागू दरें। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Indian Bank: लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें — PPF 7.1%, SSY 8.2%, SCSS 8.2%, NSC 7.7%, KVP 7.5% (115 महीने), MIS 7.4%, TD 6.9/7.0/7.1/7.5% — 01.07.2026 से 31.12.2026। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- डाक विभाग SB Order No. 12/2026 (30.09.2026) — 1 अक्टूबर–31 दिसंबर 2026 की दरें पिछली तिमाही जैसी; योजना-वार तालिका संलग्न OM में है, जो नहीं खुली। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 393 (स्रोत पर टैक्स कटौती) — धारा 393(1) तालिका, क्रम 5(ii): बैंक/सहकारी बैंक/अधिसूचित डाकघर जमा के ब्याज पर TDS की सीमा — सीनियर सिटीज़न ₹1,00,000, बाक़ी ₹50,000। दर वाले कॉलम में सिर्फ़ 'Rates in force' लिखा है; दर, PAN न होने की दर और छूटें इस पेज से नहीं जाँचीं। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- TDSMAN: धारा 393(1), ब्याज पर TDS — 10% TDS दर (धारा 393(1) की आधिकारिक तालिका में दर की जगह 'Rates in force' लिखा है, इसलिए दर द्वितीयक स्रोत से; ₹50,000 / ₹1,00,000 की सीमा अब धारा 393 के पाठ से जाँची गई)। द्वितीयक स्रोत — प्राथमिक पर अलग से नहीं जाँचा जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- आयकर विभाग: Interplay and Transition FAQs — 1 अप्रैल 2026 से नया एक्ट; FY 2025-26 पुराने एक्ट से; टैक्स ईयर; Form 121; AIS की जगह Form 168। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 156 (रिबेट) — ₹12,500 (₹5 लाख तक), नए रिजीम में ₹60,000 (₹12 लाख तक) और मार्जिनल रिलीफ़। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 202 (नया टैक्स रिजीम, स्लैब) — नए रिजीम के स्लैब; धारा 202(4) से बाहर निकलने का विकल्प। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 19 (सैलरी से कटौतियाँ) — स्टैंडर्ड डिडक्शन: धारा 202(1) (नया रिजीम) में ₹75,000, बाक़ी मामलों में ₹50,000 — दोनों में सैलरी से ज़्यादा नहीं। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026