टैक्स और सैलरी
टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2027) से Income-tax Act 2025 लागू है। यहाँ के टूल निवासी व्यक्तियों की सामान्य आय (सैलरी/पेंशन, ब्याज, किराया) और ₹50 लाख तक की टैक्सेबल आय के लिए बने हैं।
कहाँ से शुरू करें
- नई नौकरी या ऑफ़र लेटर? पहले इन-हैंड सैलरी से हर महीने की रकम देखें।
- रिजीम चुनना है? इनकम टैक्स कैलकुलेटर में अपनी कटौतियाँ डालें; फिर ब्रेक-ईवन तालिका से मिलाएँ।
- नए क़ानून के शब्द उलझा रहे हैं? टैक्स ईयर, Form 130, Form 121 और Form 168 पढ़ें।
कैलकुलेटर
इनकम टैक्स कैलकुलेटरनया vs पुराना रिजीम, रिबेट, मार्जिनल रिलीफ़, सीमा वाली कटौतियाँ
इन-हैंड सैलरीCTC, PF, ग्रेच्युटी, प्रोफ़ेशनल टैक्स और इनकम टैक्स
गाइड
- टैक्स ईयर क्या है? नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 से क्या बदला
- नया रिजीम स्लैब 2026-27: 5 लाख से 50 लाख की सैलरी पर टैक्स
- पुराना vs नया रिजीम: ब्रेक-ईवन तालिका और उदाहरण
FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है; उस पर अतिरिक्त टैक्स का अनुमान FD कैलकुलेटर के "मेरी आय से" तरीके में देखें।