टैक्स ईयर क्या है? नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 से क्या बदला

पेज अपडेट: 9 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब: 1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act 2025 लागू है और 1961 वाला एक्ट उसी दिन से हट गया है। नए एक्ट में "प्रीवियस ईयर" की जगह टैक्स ईयर है, और "असेसमेंट ईयर" का कॉन्सेप्ट बंद हो गया है। स्लैब और 12 लाख तक की राहत जैसे फ़ायदे बजट से तय होते हैं — वे एक्ट बदलने से अपने आप नहीं बदले। सबसे बड़ा बदलाव धाराओं के नंबरों और फ़ॉर्मों में है।

टैक्स ईयर क्या है?

पुराने क़ानून में एक ही कमाई के लिए दो साल लिखने पड़ते थे: कमाई वाला "प्रीवियस ईयर" (आम बोलचाल में FY) और उसके अगले साल वाला "असेसमेंट ईयर" (AY), जिसमें उसका हिसाब होता था।

आयकर विभाग के Transition FAQ के अनुसार नए एक्ट में टैक्स ईयर का मतलब है "वित्त वर्ष के भीतर के बारह महीने" — यानी 1 अप्रैल से 31 मार्च। टैक्स ईयर 2026-27 = 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की कमाई। (अगर कोई कारोबार या आय का नया स्रोत साल के बीच शुरू हो, तो उस साल का टैक्स ईयर छोटा हो सकता है।)

कमाई की अवधिपुराना नामनया नाम
1 अप्रैल 2025 – 31 मार्च 2026FY 2025-26 / AY 2026-27पुराने क़ानून से ही चलेगा
1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2027—टैक्स ईयर 2026-27
1 अप्रैल 2027 – 31 मार्च 2028—टैक्स ईयर 2027-28

कौन-सी आय किस क़ानून से चलेगी?

क़ानून इससे तय होता है कि आय कब हुई, न कि रिटर्न कब भरा।

क्या नहीं बदला

क्या बदला: धाराएँ और फ़ॉर्म

धाराओं के नंबर

पुराने क़ानून की धारा 192 से 194T तक की TDS धाराएँ नए एक्ट में दो धाराओं में समेटी गई हैं: सैलरी के लिए धारा 392 और बाक़ी भुगतानों के लिए धारा 393 (आयकर विभाग का Transition FAQ)। रिपोर्टों के मुताबिक़ नए एक्ट में पुराने के 800 से ज़्यादा के मुक़ाबले लगभग 536 धाराएँ हैं।

फ़ॉर्मों के नए नंबर

पुरानानयाकिस काम काआधिकारिक स्रोत में
Form 16Form 130एम्प्लॉयर का सैलरी TDS सर्टिफ़िकेटForm 130 FAQ
Form 15G / 15HForm 121कम आय पर ब्याज से TDS न कटवाने की घोषणा — 1 अप्रैल 2026 या बाद शुरू होने वाले टैक्स ईयर के लिएTransition FAQ
वार्षिक सूचना विवरण (AIS)Form 168आपके नाम पर दर्ज लेन-देन/आय का सालाना ब्योरा — टैक्स ईयर 2026-27 सेTransition FAQ

ध्यान दें: इस पेज के पिछले संस्करण में Form 168 को Form 26AS की जगह बताया गया था। आधिकारिक Transition FAQ इसे AIS की जगह बताता है, इसलिए इसे ठीक किया गया है। पुराने सालों के लिए Form 26AS और AIS वैसे ही रहते हैं।

नौकरीपेशा लोगों के लिए 4 काम

  1. रिजीम तय करें: साल की शुरुआत में एम्प्लॉयर को बताएँ, ताकि सही TDS कटे। तुलना: इनकम टैक्स कैलकुलेटर और पुराना vs नया रिजीम।
  2. पुराने रिजीम में हों, तो सबूत संभालें: PPF, ELSS, बीमा प्रीमियम और किराए की रसीदें।
  3. नए नाम पहचानें: Form 130 (सैलरी TDS), Form 121 (TDS न कटवाने की घोषणा), Form 168 (सालाना ब्योरा)।
  4. सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल: "नया क़ानून, तुरंत अपडेट करें" जैसे SMS/ईमेल लिंक पर क्लिक न करें; रिटर्न incometax.gov.in पर ही भरें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नए एक्ट से मेरा टैक्स बढ़ गया?

नहीं। एक्ट बदलने से दरें अपने आप नहीं बदलीं; नए रिजीम के स्लैब धारा 202 में वही हैं, और सैलरी पर स्टैंडर्ड डिडक्शन धारा 19 में ₹75,000 (नया रिजीम) / ₹50,000 (बाक़ी मामले) है।

क्या AY शब्द पूरी तरह ख़त्म हो गया?

नए एक्ट वाले सालों के लिए असेसमेंट ईयर का कॉन्सेप्ट बंद है। FY 2025-26 और उससे पहले के रिटर्न/नोटिस में AY दिखता रहेगा।

80C अब भी मिलता है?

पुराने रिजीम में ₹1.5 लाख तक की वही कटौती, अब धारा 123 के नाम से। नए रिजीम में यह कटौती नहीं मिलती।

प्रकाशक: SaralPaisa। SaralPaisa कोई वित्तीय सलाहकार, CA या SEBI-रजिस्टर्ड संस्था नहीं है; यह पेज शिक्षा के लिए है। हमारे बारे में · डिस्क्लेमर