पुराना vs नया टैक्स रिजीम: आपके लिए कौन-सा बेहतर?
सीधा जवाब: ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए नया रिजीम सस्ता है। ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर नए रिजीम में टैक्स शून्य है, इसलिए वहाँ पुराना रिजीम फ़ायदा नहीं दे सकता। इससे ऊपर पुराना रिजीम तभी जीतता है जब कुल कटौतियाँ बहुत बड़ी हों — नीचे की तालिका हर सैलरी पर वह सीमा बताती है।
दोनों रिजीम में मुख्य फ़र्क़
| नया (धारा 202, डिफ़ॉल्ट) | पुराना (धारा 202(4) से चुनना) | |
|---|---|---|
| दरें | ₹4 लाख तक 0%, फिर 5%–30% (₹4 लाख के स्लैब) | ₹2.5 लाख तक 0% (60 से कम), ₹10 लाख से ऊपर 30% |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन (सैलरी) | ₹75,000 | ₹50,000 |
| रिबेट (धारा 156) | ₹12 लाख तक की आय पर ₹60,000 तक + मार्जिनल रिलीफ़ | ₹5 लाख तक की आय पर ₹12,500 तक |
| धारा 123 (पहले 80C), हेल्थ इंश्योरेंस, HRA, होम लोन ब्याज | नहीं | हाँ, अपनी-अपनी सीमा तक |
ब्रेक-ईवन तालिका: कितनी कटौतियों पर पुराना सस्ता
हर सैलरी के लिए, पुराने रिजीम में ₹50,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा कुल कितनी कटौतियाँ (हर कटौती अपनी सीमा के अंदर) चाहिए ताकि पुराना रिजीम नए जितना या उससे सस्ता हो। निवासी, 60 से कम उम्र, सिर्फ़ सैलरी आय, 4% सेस सहित।
| सालाना सैलरी | नए रिजीम में टैक्स | पुराना बराबर होने को ज़रूरी कुल कटौतियाँ |
|---|---|---|
| ₹8,00,000 | ₹0 | पुराना कभी सस्ता नहीं* |
| ₹10,00,000 | ₹0 | पुराना कभी सस्ता नहीं* |
| ₹12,75,000 | ₹0 | पुराना कभी सस्ता नहीं* |
| ₹15,00,000 | ₹97,500 | ₹5,44,000 |
| ₹18,00,000 | ₹1,50,800 | ₹6,42,000 |
| ₹20,00,000 | ₹1,92,400 | ₹7,09,000 |
| ₹25,00,000 | ₹3,19,800 | ₹8,00,000 |
| ₹30,00,000 | ₹4,75,800 | ₹8,00,000 |
*इन सैलरी पर नए रिजीम में टैक्स पहले से शून्य है; पुराना रिजीम ज़्यादा से ज़्यादा बराबरी (शून्य) तक पहुँच सकता है। ऊँची सैलरी पर ज़रूरी रकम एक स्तर पर रुक जाती है, क्योंकि वहाँ दोनों रिजीम में अगला हर रुपया 30% पर टैक्स होता है।
3 उदाहरण
1. अमित: सैलरी ₹10 लाख, कटौतियाँ ₹2.5 लाख
₹1.5 लाख (धारा 123) + ₹1 लाख HRA छूट। नया: ₹0। पुराना: ₹54,600। नया रिजीम ₹54,600 सस्ता।
2. प्रिया: सैलरी ₹15 लाख, कटौतियाँ ₹3.75 लाख
₹1.5 लाख (धारा 123), ₹25,000 हेल्थ इंश्योरेंस, ₹50,000 NPS, ₹1.5 लाख HRA। नया: ₹97,500। पुराना: ₹1,40,400। नया रिजीम ₹42,900 सस्ता — आम तौर पर ली जाने वाली लगभग सारी कटौतियों के बाद भी।
3. राजेश: सैलरी ₹20 लाख, होम लोन और बड़ा किराया
₹1.5 लाख (धारा 123), ₹25,000 + ₹50,000 हेल्थ इंश्योरेंस (माता-पिता 60+), ₹50,000 NPS, ₹2.75 लाख HRA, ₹2 लाख होम लोन ब्याज। नया: ₹1,92,400। पुराना: ₹1,79,400। पुराना रिजीम ₹13,000 सस्ता।
अपनी कटौतियाँ कैसे गिनें
इनकम टैक्स कैलकुलेटर में हर कटौती अलग ख़ाने में डालें; टूल हर एक पर उसकी सीमा लगाता है, और कर्मचारी PF व PPF/ELSS जैसी चीज़ों पर धारा 123 की एक ही ₹1.5 लाख की सीमा लगाता है।
रिजीम कब चुनें
- बिना बिज़नेस आय: धारा 202(4) के अनुसार पुराना रिजीम रिटर्न भरते समय चुना जाता है, और हर साल नया फ़ैसला हो सकता है। साल की शुरुआत में एम्प्लॉयर को भी बताएँ ताकि TDS सही कटे।
- बिज़नेस/प्रोफ़ेशन की आय: विकल्प रिटर्न की तय तारीख़ तक देना होता है और आगे के सालों में भी चलता है; वापस बदलने का मौक़ा सीमित है। CA से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
होम लोन है, तो क्या पुराना रिजीम ही बेहतर है?
ज़रूरी नहीं। सिर्फ़ होम लोन ब्याज (₹2 लाख तक) और धारा 123 से ज़्यादातर सैलरी पर ब्रेक-ईवन तक नहीं पहुँचते; बड़ी HRA छूट भी हो, तब पुराना जीत सकता है।
सीनियर सिटीज़न के लिए?
पुराने रिजीम में 60–79 पर ₹3 लाख और 80+ पर ₹5 लाख तक छूट है, और हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा ज़्यादा है। फिर भी कई मामलों में नया सस्ता निकलता है — कैलकुलेटर में उम्र चुनकर दोनों देखें।
स्रोत और जाँच
नीचे वे स्रोत हैं जिन्हें इस पेज के नियमों/दरों के लिए खोलकर मिलाया गया। "जाँचा" तारीख़ वह दिन है जब स्रोत खोला गया; पेज की "अपडेट" तारीख़ अलग है।
- Income-tax Act 2025, धारा 202 (नया टैक्स रिजीम, स्लैब) — नए रिजीम के स्लैब; धारा 202(4) से बाहर निकलने का विकल्प। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 19 (सैलरी से कटौतियाँ) — स्टैंडर्ड डिडक्शन: धारा 202(1) (नया रिजीम) में ₹75,000, बाक़ी मामलों में ₹50,000 — दोनों में सैलरी से ज़्यादा नहीं। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 156 (रिबेट) — ₹12,500 (₹5 लाख तक), नए रिजीम में ₹60,000 (₹12 लाख तक) और मार्जिनल रिलीफ़। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 123 (पहले 80C) — ₹1,50,000 की सीमा; Schedule XV की पूरी सूची इस पेज पर नहीं खुली। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- LiveLaw: बजट 2026-27 में स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं बदले — पुराने रिजीम के स्लैब और बजट 2026-27 में स्लैब/स्टैंडर्ड डिडक्शन अपरिवर्तित रहने की ख़बर — पुराने रिजीम के स्लैब प्राथमिक स्रोत पर अलग से नहीं जाँचे (स्टैंडर्ड डिडक्शन की रकम अब धारा 19 से जाँची गई)। द्वितीयक स्रोत — प्राथमिक पर अलग से नहीं जाँचा जाँचा: 8 अक्टूबर 2026